बलिया। जिले की एक भाजपा महिला कार्यकर्ता ने जिलाध्यक्ष संजय मिश्र पर दुष्कर्म और निजी वीडियो वायरल करने का आरोप लगाते हुए सीजीएम अदालत में अर्जी दाखिल की है। उन्होंने अपनी प्राथमिकी को शपथपत्र के तौर पर प्रस्तुत किया है और मामले की सख्त जांच की मांग की है।
महिला ने शपथपत्र में आरोपित का नाम विवेचना में शामिल करने, चिकित्सीय परीक्षण कराने और न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि अब तक विवेचक ने उसका धारा 180 बीएनएसएस के तहत बयान दर्ज नहीं किया। एसीजीएम की अदालत ने 1 अक्तूबर को विवेचक को मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस और सोशल मीडिया की भूमिका
पुलिस पहले से वीडियो के प्रसारण और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जाँच कर रही है। बांसडीह कोतवाली के कोतवाल राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पहले दर्ज प्राथमिकी की जांच जारी है और अभी अदालत का कोई नया आदेश नहीं मिला है। वहीं सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े दावे और वीडियो तेजी से फैल रहे हैं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले ने भाजपा के अंदरूनी फूट को भी उजागर कर दिया है। पार्टी के कदम-कदम पर खेमेबाजी के संकेत मिल रहे हैं और सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। नए बनाए गए जिला कार्यकारिणी और पुरानी ताकतों के बीच आरोपों को चुनावी रंजिश से जोड़ा जा रहा है, हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है।
जिलाध्यक्ष संजय मिश्र ने आरोपों को नामंजूर किया और कहा, “उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्हें बदनाम करने के लिए गहरी साजिश रची गई है।” उन्होंने आगे कहा, “बेवजह आरोप लगाकर किसी के चरित्र का हनन करना बहुत गलत है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय क्षेत्र के नेता विनोद कुमार राय ने भी स्थिति पर निगाह रखने की बात कही और कहा, “अगर पीड़िता का पक्ष का आरोप सही है तो बहुत गलत है। वहीं, अगर जिलाध्यक्ष को किसी तरह से फंसाने का प्रयास किया जा रहा है तो यह भी गलत है।” पार्टी नेता दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराएंगे।
अब मामले की दिशा पुलिस जांच और अदालत की अगली कार्यवाही तय करेगी। स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी कहा जा रहा है कि वे कानूनी प्रक्रिया का सम्मान रखें और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाले दावों को आगे न बढ़ाएं।
स्रोत: अमर उजाला

