बरेली। लगातार तीन दिन की बारिश के बाद देवहा नदी उफन गई और शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। शुक्रवार सुबह से रविवार दोपहर तक लगभग 135 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जिससे टनकपुर हाईवे से लेकर स्टेशन मार्ग तक पानी भर गया।
हाईवे के कई हिस्से में करीब एक फीट पानी जमा हो गया। गौहनियां चौराहे के पास पेट्रोल पंप परिसर भी पानी में डूबा नजर आया और वहां के कर्मचारियों ने दिनभर जलनिकासी के प्रयास किए। स्टेशन जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक रास्ते पकड़ने पड़े क्योंकि मुख्य मार्ग गुजरने लायक नहीं रहा।
प्रभावित क्षेत्र और स्थिति
शहर के निचले इलाकों में निकासी धीमी रहने से सड़कों और घरों के बाहर पानी खड़ा रहा। फीलखाना की चार से पाँच गलियां पूरी तरह जलमग्न रहीं और वहां पानी की निकासी बेहद धीमी रही। सुनगढ़ी में नालों की सफाई अपर्याप्त रहने से घरों के बाहर पानी रुका रहा, जिसका संचालन रविवार शाम तक संभव हुआ।
नखासा, फीलखाना, सुनगढ़ी, वल्लभनगर, अवध नगर और अशोक कॉलोनी में दोपहर तक करीब एक फीट तक पानी जमा रहने की रिपोर्ट आई। नई कॉलोनियों के पास स्थिति सबसे अधिक खराब रही क्योंकि वहां से पानी धीरे-धीरे ही उतर पा रहा था।
नालों और नालियों के चोक होने से निकासी प्रणाली विफल दिखी। जगह-जगह गंदगी और कचरे ने निकासी रास्ते बंद कर दिए। निचले हिस्सों में रहने वाले परिवारों के घरों के चबूतरे तक पानी पहुंच गया और लोगों को जरूरी काम के लिए भी बाहर निकलने में दिक्कत हुई।
आगे क्या होगा
तीन दिन की लगातार बारिश ने शहर की स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की कमी उजागर कर दी है। अधिकतर प्रमुख मार्ग और रिहायशी बस्तियों के आसपास लंबे समय तक पानी खड़ा रहने से आवागमन प्रभावित रहा और दुकानों के आस-पास भी जलभराव बना रहा। स्थानीय प्रशासन और नगर निकाय से जलनिकासी तथा नालों की सफाई की तत्काल कार्रवाई की उम्मीद बनी हुई है।
स्रोत: अमर उजाला

