देवरिया। रामेश्वर तिवारी की हत्या के बाद लार गांव में तनाव बना हुआ है। बृहस्पतिवार की रात गुस्साई भीड़ के इकट्ठा होते ही पुलिस को बुलाया गया और सुरक्षा के लिए पीएसी समेत अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दिया गया।
रात में भीड़ इकट्ठी होने के बाद सुबह परिचित लोग इलाके में पहुँचने लगे। लोगों की संख्या बढ़ती देख दो सेक्शन पीएसी बुला लिए गए। पुलिस और पीएसी के जवान गांव के हर मार्ग पर तैनात रहे और बाहर से आने‑जाने वालों पर कड़ी नज़र रखी गई।
गाँव की स्थिति और पुलिस कार्रवाई
पुलिस फोर्स की मौजूदगी के बीच ग्रामीण अधिकतर घरों में दुबके रहे। सुबह कुछ लोग पशुओं को चारा‑पानी दे कर फिर घर के अंदर चले गए। आरोपियों के घरों में कोई मौजूद नहीं था। पुलिस ने कुछ महिलाओं से बात करने के लिए थाने बुलाया और उनकी सुरक्षा के मद्देनज़र उनके घरों के आगे भी ड्यूटी लगाई है।
सन्नाटे के बीच रामेश्वर के घर से महिलाओं की चीख‑पुकार सुनाई दे रही थी। आस‑पास की महिलाएं पीड़ित परिवार को ढांढस बंधा रही थीं। रामेश्वर के साथ रहने वाले दानवीर सिंह और झल्लू सिंह ने ने बताया कि वह बहुत ही मिलनसार स्वभाव के थे।
घटना के बाद से ही एएसपी सुनील कुमार सिंह मौके पर जमे रहे। रामेश्वर की बुजुर्ग मां ने एएसपी से कहा, “पति और बेटे की हत्या हो गई। अब पोता बचा है। वह बहुत सीधा है, इसका ख्याल रखिएगा।” यह सुन एएसपी भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “पुलिस हर समय आपकी मदद को तैयार है।”
पुलिस ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जांच जारी है। स्थानीय लोग फिलहाल शांत रहने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर हैं। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नज़र रखी है और आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी देते रहेंगे।
स्रोत: अमर उजाला

