इटावा। जसवंतनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे डॉक्टर और चिकित्सकीय कर्मचारी मौजूद नहीं थे। इस दौरान वहां आए एक मरीज को तत्काल मदद नहीं मिल सकी और घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वायरल हुए वीडियो में इमरजेंसी परिसर में सन्नाटा और स्टाफ की अनुपस्थिति दिखाई जा रही है। मरीज की शिकायत पेट और सीने में दर्द की बताई गई है। वीडियो के अनुसार ड्यूटी रूम में केवल एक सुरक्षा गार्ड और एक युवक सोते हुए मिले।
स्थानीय चिंता और मांग
जसवंतनगर के लोग अस्पताल की रात्री सेवाओं पर नाराज हैं। स्थानीयों ने कहा है कि यह इलाका राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा है और यहां सड़क हादसों का जोखिम रहता है, इसलिए रात्रिकालीन सेवाएं व्यवस्थित होना जरूरी हैं। उन्होंने सीएमओ इटावा से सभी सीएचसी के रात्रिकालीन औचक निरीक्षण की मांग की है और कहा कि सरकार के खर्च के बावजूद मदद न मिलना चिंताजनक है, अतः जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
पीड़ित ने दावा किया है कि इमरजेंसी में मदद नहीं मिलने पर उसने घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रकाशित किया। संवाद में बताया गया है कि वायरल वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती, फिर भी स्थानीय स्रोतों ने इसे शेयर किया है।
सीएचसी अधीक्षक की प्रतिक्रिया
जसवंतनगर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र ने कहा, “मैं हमेशा अस्पताल परिसर में ही मौजूद रहता हूं। परिसर में ही मेरा आवास है। रात में वार्ड बॉय की ड्यूटी भी रहती है। फिलहाल अगर वीडियो में दावा किया जा रहा है तो जांच करा ली जाएगी।”
अब वफादार अधिकारियों से कहा जा रहा है कि वायरल वीडियो की नृप-तपास कर घटना की सच्चाई सामने लायी जाए और यदि लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो। स्थानीय लोग चाहते हैं कि रात में इमरजेंसी सेवाओं की निगरानी कड़ी की जाए ताकि आगे से ऐसे हालात पुनः न बनें।
स्रोत: अमर उजाला

