कौशांबी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावों और उपयोग को लेकर सोमवार को कौशांबी में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने किया।
उद्घाटन सत्र में मंत्री सुनील शर्मा ने कहा, “एआई को लेकर लोगों के मन में जो डर है, उसे दूर कर इसे आत्मसात करने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि ऐसा करने से देश और प्रदेश विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकेंगे।
विशेष वक्ताओं ने शिक्षा पर ज़ोर
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में लोयोला इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन चेन्नई के निदेशक फादर सी जॉय अरुण मौजूद रहे। उन्होंने कहा, “सामाजिक बदलाव के लिए परिवर्तनकारी शिक्षा की जरूरत है।” उनकी बात में शिक्षा और नेतृत्व के बदलते स्वरूप को नए तरीके से ढालने का आग्रह भी शामिल था।
मुख्य सत्र के बाद ‘उच्च शिक्षा का अगला दशक: चुनौतियां, विकल्प और अवसर’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। पैनल में शैक्षणिक और तकनीकी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने एआई को पढ़ाई और पेशेवर दुनिया में कैसे शामिल किया जाए, इस पर अपने विचार साझा किए।
कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय उद्यमियों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम एआई के बारे में भ्रम और डर घटाने में मदद करते हैं। कई ने कहा कि उन्हें तकनीक के व्यावहारिक प्रयोग और प्रशिक्षण पर और सत्र चाहिए थे ताकि रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव सम्भव हो सके।
आयोजकों ने आगे और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने की संभावना जताई है। जिन लोगों को कार्यक्रम और मॉड्यूल्स के बारे में जानकारी चाहिए, वे स्थानीय शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

