लखीमपुर खीरी। बेल्जियम से आया 200 टन वजनी औद्योगिक वेसल कुंभी चीनी मिल के बायो प्लास्टिक प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है। इस वेसल को ले जाने के लिए 308 पहियों वाला विशेष हाइड्रोलिक ट्रक प्रयोग किया जा रहा है।
वेसल के साथ लोग रास्तों पर खड़े होकर उसे देखने लगे हैं। कई स्थानों पर इसकी रफ्तार सामान्य वाहनों के जैसे नहीं रही और भीड़ ने मोबाइल से तस्वीरें व वीडियो बनाये। कुछ जगहों पर ट्रक एक घंटे में मात्र छह‑सात किलोमीटर ही चल पाया।
विशेष ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन
कुंभी चीनी मिल में बन रहे एशिया के पहले बायो प्लास्टिक प्लांट के लिए यह उपकरण अहम है। भारी वेसल को विशेष हाइड्रोलिक ट्रक से प्लांट तक लाया जा रहा है ताकि स्थापना के समय कोई दिक्कत न आये।
कुंभी चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार यादव ने कहा, “भारी वेसल को विशेष हाइड्रोलिक ट्रक से सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है।” उन्होंने बताया कि सुरक्षा और मार्ग की जांच पहले कराई गयी थी ताकि परिवहन सुरक्षित तरीके से पूरा हो सके।
स्थानीय लोगों ने कहा कि इतनी बड़ी मशीनरी देखना उनके लिए अनोखा अनुभव है। बाजारों और मार्गों पर यातायात में धीमापन देखा गया। कुछ स्थानों पर ट्रक के गुजरने के कारण वाहन ठहर गये और पुलिस व संबंधित अधिकारी मार्ग नियंत्रित करते रहे।
आगे क्या होगा
वेसल के पहुंचने के बाद उसे प्लांट के भीतर स्थापित करने का काम शुरू होगा। स्थापना के बाद बायो प्लास्टिक प्लांट के निर्माण में अगला चरण शुरू होगा। स्थानीय प्रशासन और प्लांट प्रबंधन ने कहा है कि परिवहन और स्थापना के दौरान आवश्यक सुरक्षा व मार्ग नियंत्रण जारी रहेगा।
स्रोत: दैनिक जागरण

