मैलानी। भीरा और पलियाकलां रेलवे स्टेशनों के बीच रेलपथ के नीचे बारिश के पानी के रिसाव के कारण मैलानी-नानपारा मार्ग की ट्रेनें एक माह से अधिक समय से बंद हैं। रेलवे अभी तक संचालन शुरू नहीं कर पाया है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हेरिटेज घोषित मैलानी-नानपारा-मैलानी मीटरगेज खंड पर कुल तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें चलती थीं। इनमें ट्रेन नंबर 52264, 52262 (मैलानी-नानपारा) और 52260 (मैलानी-बिछिया टूरिस्ट पैसेंजर) शामिल हैं। रेलवे ने इन ट्रेनों को 31 अगस्त से बंद करने का फैसला लिया था। 52259, 52261 और 52263 का संचालन एक सितंबर से अगले आदेश तक बंद रखा गया है।
रूट और अतिरिक्त जुड़ाव
लखनऊ, पीलीभीत, इज्जतनगर और कासगंज की ओर से ट्रेन से मैलानी आने वाले यात्री भीरा, पलिया, बेलरायां, तिकुनिया, मझरा पूरब, बिछिया, निशानगाढा, मूर्तिहा, ककरहा रेस्ट हाउस, मिहिंपुरवा, गायघाट, रायबोझा और नानपारा जाते थे। जून में ट्रेन नंबर 52262 का समय 28 जून से 08:50 से बदलकर 10:50 किया गया था। इससे कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का जुड़ाव हुआ करता था और यात्री आसानी से पहुंच पाते थे।
ट्रेन बंद होने के बाद भीरा और पलिया तक बसें तो चलती हैं, पर पलिया के आगे जाने वालों के लिए ट्रेन ही एकमात्र सुविधाजनक साधन था। अब लोग बसों पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं। मैलानी से पलिया का बस किराया 45 रुपये है, जबकि ट्रेन का किराया 10 रुपये था। इसके कारण यात्रियों का खर्च साढ़े चार गुना तक बढ़ गया है।
स्थानीय दैनिक यात्रियों में नाराज़गी दिख रही है। संजय मिश्रा, मोहल्ला धर्मशाला, मैलानी ने कहा, “सुबह बस से पलिया ड्यूटी पर पहुँचकर वापसी में ट्रेन से कम पैसे में सुरक्षित मैलानी घर आ जाता था। ट्रेनें बंद होने से बस से आने-जाने में काफी पैसा खर्च हो गया है।”
दैनिक यात्री दिनेश गुप्ता, मोहल्ला धर्मशाला, मैलानी कहते हैं, “मैं पलिया ड्यूटी पर जाकर ट्रेन से सुरक्षित मैलानी आ जाता था। अब बस के किराये में फालतू पैसा खर्च हो चुका है।” स्थानीय लोग रेलवे से जल्द सेवा बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
रेलवे से अभी तक किसी तारीख का दावा नहीं सामने आया है। यात्रियों को सुझाव है कि बेहतर होगा कि संबंधित विभाग जल्द निरीक्षण कर करीन मरम्मत कराकर रेल संचालन बहाल करे, ताकि यात्रा की लागत व असुविधा कम हो सकें।
स्रोत: अमर उजाला

