प्रतापगढ़। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने जिले में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को साक्षर बनाने की मुहिम शुरू करने का निर्णय लिया है। यह मुहिम उन महिलाओं पर केन्द्रित होगी जो अभी तक पढ़ना‑लिखना नहीं जानतीं।
अभियान के पहले चरण में जिले भर में निरक्षर महिलाओं की पहचान की जा रही है। एनआरएलएम विभाग का कहना है कि पहचान के बाद ब्लॉक स्तर पर साक्षरता कक्षाएं चलाई जाएँगी। इन कक्षाओं में बैंकिंग, समूह का हिसाब‑किताब और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
प्रशिक्षण और कार्यक्रम की रूपरेखा
कक्षा संचालक के रूप में समूह की उन महिलाओं को चुना जाएगा जो पहले से पढ़ी‑लिखी हैं। इन्हें प्रशिक्षक बनाया जाएगा ताकि वे अपनी सहकत्रियों को पढ़ना‑लिखना और व्यवहारिक हिसाब‑किताब सिखा सकें। विभाग ने बताया है कि लोकल स्तर पर इस तरह का प्रशिक्षण तेज़ी से कार्यान्वित किया जा सकेगा।
विभाग का मानना है कि साक्षरता से महिलाएं समूह की आर्थिक गतिविधियाँ बेहतर समझेंगी और बैंक लेनदेन में आत्मविश्वास आएगा। साथ ही सरकारी योजनाओं के लाभ लेने में उन्हें मदद मिलेगी। योजना के तहत प्रशिक्षण सामग्री और कक्षाओं का समय ब्लॉक स्तर पर तय किया जाएगा।
डीसी एनआरएलएम देव कुमार ने कहा, “साक्षरता से महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अपने बच्चों की शिक्षा पर भी ज्यादा ध्यान दे सकेंगी।” उन्होंने जोर दिया कि अभियान का लाभ घर‑परिवार दोनों स्तर पर दिखेगा।
स्थानीय स्वयं सहायता समूहों के पदाधिकारी और महिला कार्यकर्ताओं से उम्मीद जताई जा रही है कि वे इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी करेंगे। आने वाले दिनों में एनआरएलएम टीम प्रत्येक ब्लॉक का दौरा कर आवश्यक तैयारियाँ और प्रशिक्षणयोजना साझा करेगी।
स्रोत: अमर उजाला

