सीतापुर। मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जिले के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। रविवार दोपहर तक बारिश थम गई, लेकिन अगले दिन भी प्रभावित परिवारों के हालात कठिन बने हुए हैं।
किशनखेड़ा (कमलापुर थानाक्षेत्र) में रविवार सुबह करीब पाँच बजे एक कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। मकान मलबे में दबने से बच्चूलाल की पत्नी रूपरानी (65) की मौत हो गई। परिजन और ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी जान नहीं बच पाई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
खंभा टूटने और दीवार गिरने की घटनाएं
महोली कोतवाली क्षेत्र के अल्लीपुर गांव में शनिवार देर शाम बिजली के खंभे पर पेड़ गिरने से खंभा टूट गया। टूटे खंभे का एक हिस्सा राजेश कुमार (50) के सिर पर गिर गया। उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने राजेश को मृत घोषित कर दिया। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और चार बेटियां हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है।
नैमिषारण्य थानाक्षेत्र के मोहद्दीनपुर में बाथरूम की कच्ची दीवार शनिवार देर शाम ढह गई। घर के बाहर अपने मायके गई विनीता (30) दीवार मलबे में दब गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें पहले सीएचसी सिधौली ले गए और फिर प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उनकी हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है।
बेहटा क्षेत्र के संहिजर कला में भी एक मकान की छत और दीवार गिरने की घटना हुई। घर के मालिक उपेंद्र कुमार मिश्रा उस समय घर पर नहीं थे। सूचना पर लेखपाल विचित्र वर्मा ने मौके का निरीक्षण किया और नुकसान की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया।
बारिश और तेज हवाओं से कई जगह जलभराव हुआ है। खेतों में फसलें बर्बाद होने की खबरें हैं और लोगों की रोजमर्रा की परेशानियाँ बढ़ गयी हैं। प्रशासन और स्थानीय अधिकारी नुकसान का आंकलन कर राहत कार्यों की तैयारी कर रहे हैं।
जो लोग प्रभावित इलाकों में हैं उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने और क्षतिग्रस्त मकानों में न रहने की सलाह दी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति के लिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क करना आवश्यक है।
स्रोत: अमर उजाला

