लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल और हंसराज विश्वकर्मा ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि सपा शासनकाल में सरकारी नौकरियाँ पैसे के बदले मिलती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएँ आम थीं।
मंत्रियों ने विशेष तौर पर यह कहा कि सपा राज में परीक्षाओं में नकल और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएँ होती थीं और भर्ती में सिफारिश व जातिगत पक्षपात के आरोप लगते रहे। कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आज की तुलना में तब युवाओं और उनके परिवारों को सिफारिश या कथित सौदेबाजी के चक्कर में पड़ना पड़ता था।
सरकार की उपलब्धियाँ और पारदर्शिता
कपिल देव अग्रवाल ने यह भी बताया कि योगी सरकार के कार्यकाल में करीब 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं। उन्होंने कहा, “नियुक्तियों में जाति या किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं किया गया और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी रखा गया।” मंत्री ने पुलिस और पीएसी भर्ती का उदाहरण देते हुए बेटियों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का हवाला दिया।
राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी सपा पर तीखा हमला किया और कहा, “अखिलेश यादव को भाजपा पर सवाल उठाने से पहले सपा सरकार के अपने कार्यकाल को देखना चाहिए।” उन्होंने बताया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल होती थी और सरकारी नौकरियों में राजनीतिक पहुंच का प्रभाव रहता था।
विश्वकर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने भर्ती आयोगों की व्यवस्था से नियुक्ति प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया है। उनके अनुसार आज अभ्यर्थी बिना किसी भय के परीक्षाओं में बैठ रहे हैं और नकल रोकने के प्रयास लगातार किए गए हैं।
मंत्रियों ने यह भी कहा कि योगी सरकार ने विकास के साथ-साथ विरासत से जुड़े कामों पर ध्यान दिया है और आंगनवाड़ी, छात्रवृत्ति तथा विभिन्न सरकारी कर्मियों के लिए किए गए कार्यों को इसकी मिसाल बताया। अब जिन मुद्दों पर ध्यान दिया जा रहा है, उन पर आगे भी सरकार की नीतियाँ जारी रहेंगी।
स्रोत: ABP न्यूज़

