अम्बेडकरनगर। जिले में पिछले दो दिनों से चरमराई बिजली व्यवस्था रविवार को भी पटरी पर नहीं लौट सकी। शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति लगभग बहाल करा दी गई, लेकिन ग्रामीण इलाकों में 200 से अधिक गांवों में टूटे बिजली खंभे और तारों की मरम्मत बाकी है।
अकबरपुर शहर में देर रात बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई, फिर भी बार-बार फॉल्ट होने से लोग परेशान रहे। अकबरपुर बिजली उपकेंद्र पर शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। वीआईपी फीडर, शहजादपुर और अयोध्या मार्ग पर शाम तक कई बार बिजली गुल होने की घटनाएँ दर्ज हुईं।
मुख्य प्रभावित क्षेत्र और तकनीकी खराबियाँ
लोरपुर में खराब 250 केवीए का ट्रांसफार्मर चौथे दिन भी नहीं बदला जा सका। टांडा के सेवागंज गंज क्षेत्र में एनवा बाजार के पास 25 सितंबर को टूटे चार बिजली खंभे रविवार शाम तक बदल नहीं पाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजलीकर्मी हाईड्रा मशीन उपलब्ध न होने का हवाला देकर काम टाल रहे हैं।
आलापुर संवाद के अनुसार रामनगर उपकेंद्र क्षेत्र में 64 और आलापुर क्षेत्र में पांच बिजली खंभे टूटे थे। हालांकि रविवार को सभी फीडर चालू कर दिए गए, फिर भी 20 से अधिक गांवों में आपूर्ति बाधित बनी रही। जेई रविंद्र कुमार ने बताया कि जहां 11 हजार वोल्ट की लाइनें ठीक हैं, वहां आपूर्ति बहाल कर दी गई है। सोमवार तक व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।
सुलेमपुर और हीरापुर फीडर की आपूर्ति दो दिन बाद भी सामान्य नहीं हुई। एकडल्ला, साबुकपुर, जल्लापुर, त्रिमुहानी, सिसवा, चौबे का पूरा और मिश्रौलिया जैसे गांवों में कर्मचारी टूटे खंभे व पेड़ हटाने और जंपर ठीक करने में लगे रहे। अवर अभियंता अंकित राज ने बताया कि मरम्मत कार्य जारी है।
जमुनीपुर क्षेत्र के दुल्लापुर फीडर से जुड़े करीब 30 गांवों में 72 घंटे से बिजली नहीं आई है। भीटी के सेनपुर उपकेंद्र के समरसिंहपुर, टेमा, थरिया कला, तेजापुर, इटवा, गोविंदापुर, समंथा और सया समेत कई गांवों में 48 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
बिजली न होने से मोबाइल चार्जिंग की दिक्कत के चलते लोग टांडा, इब्राहिमपुर, कटेहरी और भीटी से अकबरपुर तक फोन चार्ज कराने आ रहे हैं। छोटे कारीगरों के चक्के, वेंडिंग मशीनें और पावरलूम आधारित कारोबार बंद पड़े हैं और इससे व्यापार प्रभावित हुआ है। “जल्द ही पूरी आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।” – रजनीश कुमार श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता
स्रोत: अमर उजाला

