अम्बेडकरनगर। भीटी के रिउना गांव में सुभाष की मौत के मामले में नामजद आरोपी रोहित को सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार की अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी है। यह सुनवाई कोर्ट में हुई और जमानत का फैसला विधिक तर्कों के आधार पर सुनाया गया।
मृतक के पिता श्याम सुंदर सिंह ने रोहित और उसकी मां उर्मिला के खिलाफ तहरीर दी थी। शिकायत में आरोप था कि सुभाष पर एक बीघा खेत उर्मिला के नाम कराने का दबाव बनाया जा रहा था और रोहित ने तीन-चार बार मारपीट कर के मानसिक दबाव भी डाला।
शिकायत और तथ्य
छह जुलाई 2026 को सुभाष का शव गांव के बाग में ट्यूबवेल के पास फंदे से लटका मिला था। शिकायत में यह दावा भी किया गया कि फांसी में इस्तेमाल दुपट्टा उर्मिला का था। साथ ही आरोप लगाया गया कि 17 बोरी गेहूं, पांच बोरी चावल और दो बोरी सरसों बेचकर रुपए लिए गए।
- मृतक मिला: 6 जुलाई 2026
- पुलिस को शिकायत दी गई: 27 जुलाई 2026 (घटना के 21 दिन बाद)
- अभियोगी: रोहित व उसकी मां उर्मिला
अदालत ने केस डायरी और साक्ष्यों का अध्ययन किया। सुनवाई के दौरान पाया गया कि मारपीट से संबंधित कोई अलग प्राथमिकी या शिकायत केस डायरी में दर्ज नहीं मिली। अदालत ने यह भी माना कि आत्महत्या के लिए तत्काल उकसाने या किसी विशेष धमकी का कोई स्पष्ट विवरण पत्र में नहीं है।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि उर्मिला का खेत बटाई पर लिया गया था और सुभाष के शराब के सेवन तथा पिता से विवाद के कारण उसके व्यवहार में तनाव रहता था। अदालत ने इन तथ्यों और घटना से जुड़ी स्थिति का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत मंजूर कर दी।
अब अगले कदम के रूप में मामले की आगे की जांच व सबूतों की पड़ताल पुलिस और अदालत दोनों करेंगे। प्रभावित परिवार और गांव में मामले को लेकर शोक व तनाव है, जबकि आरोपी जमानत पर बाहर है और पुलिस की अतिरिक्त पूछताछ जारी रह सकती है।
स्रोत: अमर उजाला

