बरेली। जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-व्हीकल) की मांग बढ़ी है और साढ़े तीन वर्षों में यहां 21 हजार से अधिक ई-व्हीकल की बिक्री दर्ज की गई है। स्थानीय कारोबारी और वाहन खरीदने वाले दोनों इसका कारण ईंधन दरों की बढ़ौती और प्रदूषण कम करने की चाह बता रहे हैं।
परिवहन विभाग के आंकड़े दिखाते हैं कि 2023 से 11 सितंबर 2026 तक ई-व्हीकल रजिस्ट्रेशन में वृद्धि आई है। 2023 में 5,611, 2024 में 7,838, 2025 में 6,110 और 2026 में (11 सितंबर तक) 2,067 ई-व्हीकल रजिस्ट्रेशन दर्ज हुए। इसी अवधि में पेट्रोल व डीजल और पेट्रोल/सीएनजी वाहनों के रजिस्ट्रेशन के भी आंकड़े दिए गए हैं।
बाजार और ग्राहक रुझान
कार शोरूम संचालक अल्पित अग्रवाल ने कहा, “इलेक्ट्रिक कारों के प्रति ग्राहकों का रुझान बढ़ रहा है।” उन्होंने बताया कि अब हर साल ई-व्हीकल की बिक्री में इजाफा हो रहा है और बड़े ऑटोमेकर्स भी इस सेगमेंट में आ चुके हैं।
दूसरे शोरूम संचालक अनमोल अग्रवाल ने बताया, “इन वाहनों की शुरुआती कीमत 5.5 लाख रुपये है। जरूरत व लग्जरी के हिसाब से यह कीमत लगभग 28 लाख रुपये तक जाती है।” उन्होंने यह भी कहा कि लंबी दूरी की यात्रा सुगम बनाने के लिए इन वाहनों में तेजी से सुधार हुआ है।
बाजार में उपलब्ध आधुनिक ई-कारें सिंगल चार्ज पर 300 से 680 किलोमीटर तक की रेंज दे रही हैं। साथ ही प्रमुख पेट्रोल पंपों और हाईवे-एक्सप्रेस-वे पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लंबी यात्राओं पर बैटरी खत्म होने की चिंता कम हुई है।
विक्रेताओं का कहना है कि आगामी त्योहारों में ई-वाहन की बिक्री अच्छी रहने की उम्मीद है। परिवहन विभाग के उपलब्ध किए गए रजिस्ट्रेशन आंकड़ों के आधार पर उपभोक्ता और व्यवसाय दोनों के बीच ई-व्हीकल को प्राथमिकता मिल रही है।
स्रोत: अमर उजाला

