फर्रुखाबाद। कोतवाली फतेहगढ़ में दर्ज अपहरण समेत अन्य धाराओं के मुकदमे में आरोपी शिवानी जाटव उर्फ शिवांगी की अग्रिम जमानत अर्जी आज विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र/तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत का पर्याप्त आधार नहीं है।
मुकदमा कसरट्टा मोहल्ला निवासी अभय गोस्वामी की तहरीर पर दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में कहा गया है कि थाना मोहम्मदाबाद के गांव नगला खरिक डूंगरपुर की रहने वाली शिवानी, काजल और एक अज्ञात व्यक्ति ने वादी और उसके साथी का अपहरण किया, उनकी पिटाई की और फिरौती मांगी।
कोर्ट के नोट
कोर्ट ने केस डायरी में मौजूद वादी और उसके साथी की मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन किया। दोनों के विवेचनात्मक बयानों और प्राथमिकी में दर्ज आरोपों की पुष्टि का भी जिक्र किया गया है। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों ने मिलकर घटना में भूमिका निभाई।
बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए दलील दी कि शिवानी को साजिश के तहत नामजद किया गया है। बचाव ने यह भी कहा कि घटना की प्राथमिकी तीन दिन बाद दर्ज की गई और घटना स्थल जनपद मैनपुरी थाना कुर्रा बताया गया है, इसलिए जमानत दी जानी चाहिए।
इन दलीलों के बावजूद अदालत ने_medical रिपोर्ट और विवेचनात्मक बयानों के तर्कों को महत्व दिया और कहा कि गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत का पर्याप्त आधार नहीं बनता। याचिका निरस्त कर दी गई।
अब मामले की आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और मुकदमे की अगली तारीख पर निर्भर करेगी। फर्रुखाबाद कोर्ट में निरस्त होने के बाद अभियुक्तों के खिलाफ जांच जारी रहेगी और आगे की सुनवाई के लिए तारीखें तय होंगी।
स्रोत: अमर उजाला

