लखनऊ। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, “150 नहीं, 200 सीटें चाहिए।”
गौतम ने बताया कि कांग्रेस हमेशा से गठबंधन में बराबर सम्मान और हिस्सेदारी की बात करती आई है। उनके अनुसार पार्टी ने केवल 150 सीटों की मांग कभी नहीं की और अब वह कम से कम 200 सीटों की हकदार है।
कांग्रेस का तर्क और योगदान
राजेंद्र पाल गौतम ने पार्टी के ऐतिहासिक योगदान का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आजादी की लड़ाई से लेकर देश के विकास तक कई महत्वपूर्ण संस्थाओं में योगदान दे चुकी है, जिनमें IIT, AIIMS, IIM और बैंकों जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम शामिल हैं। इसी कारण गठबंधन में सीटों का बंटवारा सम्मानजनक होना चाहिए।
अखिलेश यादव के उस बयान का भी उन्होंने जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि चुनाव में बात सीटों की नहीं, जीत की होनी चाहिए। गौतम ने कहा, “कांग्रेस भी जीत की ही बात कर रही है।” उनका तर्क रहा कि पर्याप्त सीटें नहीं मिलेंगी तो जीत हासिल करना मुश्किल होगा और उम्मीदवारों को मैदान में उतरने का मौका मिलना जरूरी है।
गौतम ने पहले संकेत दिए कि उत्तर प्रदेश में मुख्य गठबंधन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच ही है और दोनों दल एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीट शेयरिंग का मसला अक्टूबर तक सुलझ जाएगा ताकि संभावित उम्मीदवार अपने-अपने इलाकों में तैयारियां कर सकें और जनता से जुड़े रह सकें।
आगे क्या होगा
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि आत्मसम्मान और संविधान के सवाल पर कांग्रेस अपने रुख पर कायम रहेगी, पर सीट शेयरिंग जैसे मुद्दों पर पार्टी जरूरत के अनुसार लचीला रुख अपना सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि जीत के लिए कुछ समझौते पर भी विचार हो सकता है, बशर्ते हिस्सेदारी सम्मानजनक रहे।
अब यह देखना होगा कि अक्टूबर तक दोनों दल किस फॉर्मूले पर सहमति बनाते हैं और कितनी सीटें किसको मिलती हैं। संभावित उम्मीदवारों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के लिए यह तय होना जरूरी है ताकि वे चुनावी मैदान की तैयारियों में लग सकें।
स्रोत: प्रभात खबर

