ललितपुर। जनपद के 11 पीएमश्री विद्यालयों में वेजिटेबल‑मेडिसिनल किचन गार्डन विकसित किए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। परियोजना का उद्देश्य बच्चों को किताबों के बाहर प्रकृति, पोषण, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जोड़ना बताया गया है।
प्रत्येक किचन गार्डन की लागत करीब 20 हजार रुपये रखी गई है। ललितपुर जिले में कुल 1357 परिषदीय विद्यालय हैं, जिनमें 11 पीएमश्री विद्यालय शामिल हैं और इन स्कूलों में लगभग 1.36 लाख छात्र‑छात्राएं पंजीकृत हैं। शासन ने इन गार्डनों को कक्षा शिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया है।
गार्डन की रूपरेखा और मॉडल
विद्यालय परिसर में उपलब्ध जगह के अनुसार गार्डन बनाए जाएंगे। पर्याप्त भूमि न होने पर कॉम्पैक्ट गार्डन, वर्टिकल गार्डन, पॉट या बोतल गार्डन और रेज्ड बेड मॉडल जैसे विकल्प अपनाए जाएंगे। इससे छोटे स्थानों में भी सब्जी और औषधीय पौधे उगाए जा सकेंगे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रत्नेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर यह कवायद शुरू हुई है और गार्डनों को शिक्षा के पाठ्यक्रम के साथ जोड़ा जाएगा। बच्चों को पौधों की विशेषता, जल संरक्षण और कंपोस्टिंग जैसी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा जिससे व्यावहारिक शिक्षा मिलेगी।
पौधों और गतिविधियों की सूची
किचन गार्डन में तरह‑तरह के सब्जी, मौसमी और औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही मेडिसिनल प्लांट, किचन गार्डन कॉर्नर, एरोमैटिक प्लांट और कंपोस्ट कॉर्नर विकसित किए जाएंगे।
- तुलसी
- गिलोय
- अश्वगंधा
- एलोवेरा
- नीम
- आंवला
- हल्दी
- अदरक
- धनिया
- पालक
- मेथी
यह पौधे स्थानीय जलवायु के अनुरूप चुने जाएंगे ताकि उनकी देखभाल आसान रहे और छात्र इनसे जुड़कर सिर्फ रोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के स्वास्थ्य, उपयोग और पोषण संबंधी महत्व भी सीख सकें।
अगले चरण में जिले के चयनित स्कूलों में प्लानिंग, जमीन का सर्वे और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का काम होगा। सरकार और शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने स्कीम को समयबद्ध तरीके से लागू करने का निर्देश दिया है ताकि यह पहल जल्द ही शुरू हो सके।
स्रोत: अमर उजाला

