मुरादाबाद। क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनके परिवार के राजनीतिक संभावित पदार्पण के बीच उनकी पत्नी हसीन जहां ने विधायक उमेश शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि इन्हीं के कारण उनके और शमी के रिश्ते में दूरी आई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शमी या उनके भाई हसीब चुनाव लड़ते हैं तो वह भी उनके सामने चुनाव मैदान में उतरेंगी।
हसीन जहां ने 2018 के विवाद का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय शमी ने उमेश शर्मा की मदद ली थी। उन्होंने उमेश शर्मा पर आपराधिक मामलों में आरोपी होने, पुलिस और प्रशासन को प्रभावित करने तथा गैरकानूनी कार्रवाइयों के आरोप लगाए।
फार्म हाउस और जांच की माँग
हसीन ने झूलपुर गांव में स्थित विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस में कथित तौर पर हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि वह वही फार्म हाउस के मालिक हैं तो वहां हुई घटना की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने जिला पुलिस-प्रशासन और प्रदेश सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
राजनीति के पटल पर यह बयान तब आया है जब बीते रविवार शमी और रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुलाकात की तस्वीरें आईं। इसके बाद अमरोहा की सियासत में शमी या उनके परिवार के किसी सदस्य के चुनाव लड़ने की चर्चा तेज हुई है।
हसीन जहां ने फोन पर बातचीत के दौरान चुनाव लड़ने की इच्छा साफ करते हुए कहा, ‘शमी हों या हसीब, सामने चुनाव लड़ूंगी’। हालांकि उन्होंने अभी किसी राजनीतिक दल में शामिल होने या किस सीट से चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा नहीं की है।
पिछले वर्षों से हसीन और शमी अलग रह रहे हैं। मार्च 2018 में हसीन ने शमी पर विवाहेतर संबंध और उत्पीड़न जैसे आरोप लगाए थे और शिकायत दर्ज कराई थी। उन आरोपों के बाद दोनों के बीच विवाद सार्वजनिक हुआ और कई मामलों की न्यायालय में कार्रवाई चल रही है।
राजनीतिक दृष्टि से अमरोहा सदर सीट पर सपा के महबूब अली 2002 से लगातार जीतते आ रहे हैं; 2022 में उन्हें 128735 वोट मिले थे जबकि भाजपा के राम सिंह को 57699 वोट मिले थे। हसीन जहां की सक्रियता और उनके बयान से जिले की चुनावी चर्चाएं और तेज हुई हैं।
स्रोत: अमर उजाला

