प्रयागराज। एमपीवीएम गंगा गुरुकुलम विद्यालय में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। आयोजन में राष्ट्रीय एकता, स्वच्छता, अहिंसा और देशभक्ति पर जोर दिए गए कार्यक्रम रखे गए।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानाचार्या माधुरी श्रीवास्तव और अन्य शिक्षिकाओं ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों ने दोनों महान नेताओं के जीवन और विचारों को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
छात्रों की प्रस्तुतियाँ और मॉडल
कक्षा एक व दो के बच्चों ने स्वच्छता व कूड़ेदान से जुड़े मॉडल दिखाए। कक्षा तीन के विद्यार्थियों ने गांधीजी के तीन बंदरों का मॉडल बनाकर “बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो और बुरा मत बोलो” का संदेश दिया। कक्षा चार ने “गांधीजी का स्वच्छता चश्मा” प्रस्तुत किया और कक्षा पांच के बच्चों ने श्वेत कबूतर बनाकर अहिंसा व शांति का प्रतीक दिखाया।
कक्षा छह से नौ तक के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किए और कक्षा छह से आठ के विद्यार्थियों ने समूह नृत्य दिखाए। इसके साथ ही कक्षा नौ की छात्रा आभ्या गुप्ता ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों पर भाषण दिया।
कक्षा 11 के छात्रों ने लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर आधारित प्रेरणात्मक लघु नाटक मंचित किया। इन प्रस्तुतियों ने विद्यालय में देशभक्ति और नैतिक मूल्यों की भावना को मजबूत किया।
प्रधानाचार्या माधुरी श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के दौरान कहा, “महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, ईमानदारी, अनुशासन, सादगी, स्वच्छता एवं अहिंसा जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से गांधीजी की प्रिय रामधुन के साथ हुआ।
विद्यालय अधिकारियों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम से बच्चों में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक दायित्व की भावना बढ़ती है। आगे भी इस तरह के सांस्कृतिक और शिक्षा संबंधी कार्यक्रम नियमित रूप से कराए जाएंगे।
स्रोत: अमर उजाला

