रायबरेली। जिले में जारी बारिश के बीच बिजली व्यवस्था कई हिस्सों में चरमरा गई और उपभोक्ताओं को लंबी कटौती का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को सुबह से लेकर देर रात तक अलग‑अलग फीडरों और पोलों में खराबी आई, जिससे शहर और ग्रामीण दोनों इलाके अंधेरे में रहे।
दोपहर में बस्तेपुर के पीपल के पेड़ का तारों पर गिरना बिजली खंभे के टूटने का कारण बना। यहां की बिजली दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक बंद रही। आचार्य द्विवेदी नगर की 33 केवी लाइन पर हवा के साथ लगी होर्डिंग तारों पर आ जाने से मुंशीगंज, राजघाट और अमोल बिहार कॉलोनी की आपूर्ति दोपहर 12 बजे से दो बजे तक ठप रही। कर्मचारी होर्डिंग हटाकर बिजली बहाल कर पाये।
ग्रामीण इलाकों में बड़ी कटौती
खीरों उपकेंद्र से जुड़ी फीडरों में शुक्रवार सुबह नौ बजे फॉल्ट आ गया और कई इलाकों में आपूर्ति बाधित रही। खीरों प्रतिनिधि ने बताया कि मौरावां से खीरों उपकेंद्र के जरिये अजीतपुर, अकोहरिया, सेहरामऊ, रायपुर, एकौनी, गौनहा, पाहो, भीतरगांव, मेडौली, सेनी, जसमऊ, टिकवामऊ, खानपुरखुष्टी, फिरोजाबाद, हरीपुर मिरदहा, शिवपुर हुसैनाबाद, मिर्जापुर, सराय महमूद, बंगलहन खेड़ा समेत करीब 50 गांवों की आपूर्ति प्रभावित रही। सैकड़ों उपभोक्ताओं को बिजली न मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सतांव प्रतिनिधि ने बताया कि अटौरा बुजुर्ग विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 80 गांवों की बिजली 15 घंटे तक गुल रही। त्रिपुला ट्रांसमिशन से जाने वाली 33 केवी लाइन में शाम करीब छह बजे फॉल्ट आने से पूरी रात ग्रामीण अँधेरे में रहे और पेयजल संकट भी पैदा हो गया। शनिवार सुबह नौ बजे बिजली बहाल हुई, तब लोगों को राहत मिली।
शहर के अन्य हिस्सों में भी पेड़ गिरने से खंभे और तार टूटे। डीह‑ऊंचाहार के सुंदरगंज चौराहे के पास शीशम का पेड़ गिरने से करीब 50 घरों की बिजली बंद हो गई, जो शाम छह बजे बहाल हुई। ऊंचाहार के पट्टी रहस कैथवल गांव में नीम का पेड़ गिरने से खंभा टूटकर सड़क पर गिरा और गांव की बिजली गायब रही।
उपखंड अधिकारी खीरों सत्येंद्र कुमार ने बताया कि बिजली बहाल कर दी गई है। उपखंड अधिकारी पीएस राना ने कहा कि 33 केवी लाइन में दो इंसुलेटर खराब पाए गए थे, जिन्हें बदला गया। एसडीओ सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जहां खंभे टूटे हैं वहां नए खंभे लगाकर आपूर्ति जल्द ही स्थायी रूप से बहाल कराई जाएगी।
स्थानीय लोग ढीले तार और टूटे क्रॉसआर्म के कारण बार‑बार कटौती की शिकायत कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि निरीक्षण और मरम्मत के बाद ही समस्या स्थायी रूप से हल होगी।
स्रोत: अमर उजाला

