रायबरेली। थाना और कोतवाली में शनिवार को समाधान दिवस आयोजित हुआ। बारिश की वजह से फरियादियों की संख्या कम रही और कुछ आए हुए लोग शिकायतों के निस्तारण न होने पर मायूस होकर लौट गए।
लालगंज के सेमरपहा गांव निवासी विनय कुमार बाजपेयी ने गांव के ही एक व्यक्ति पर विवादित भूमि पर बच्चे का शव दफनाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि विरोध करने पर आरोपियों ने जानमाल की धमकी दी। समाधान दिवस में कुल पांच शिकायतें आईं, जिनमें से केवल एक का निस्तारण हो पाया।
समाधान दिवस में सुनवाई और निस्तारण
गदागंज में नायब तहसीलदार डलमऊ वीरेंद्र सिंह और थाना प्रभारी बालेंदु गौतम ने लोगों की फरियादें सुनीं। वहां चार शिकायतें आईं और दो का निस्तारण किया गया। गुरुबक्शगंज में 10 शिकायतें आईं, जिनमें से दो का निस्तारण किया गया।
दलमऊ में एसडीएम प्रीति सिंह और क्षेत्राधिकारी गिरजा शंकर त्रिपाठी ने आठ लोगों की शिकायतें सुनीं। पूरे बिचला मजरे कनहा गांव निवासी सविता ने मकान पर कब्जे की शिकायत की। लंबित छह शिकायतों के निस्तारण के लिए टीम गठित की गई है।
हरचंदपुर में उसमानपुर गांव की नवनीत वर्मा ने रास्ते को लेकर विवाद की शिकायत की। वहां समाधान दिवस में तीन शिकायतें आईं, लेकिन एक भी का निस्तारण नहीं हो सका। जगतपुर थाने में प्रभारी वागीश मिश्रा ने 12 लोगों की शिकायतें सुनीं और दो का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
ऊंचाहार में पूरे जीत मजरे कंदरावां निवासी तीरथ लाल ने भूमिधरी जमीन पर कब्जे की शिकायत की। कोटरा बहादुरगंज की लालमनी ने भूमिधर जमीन पर बोई गई सब्जी की फसल जोतने का आरोप लगाया। वहां चार शिकायतें आईं, पर मौके पर किसी का निस्तारण नहीं हुआ।
जनता ने कहा कि बारिश और कम स्टाफ की वजह से कई शिकायतें लंबित रह गईं। अधिकारियों ने लंबित मामलों के निस्तारण के लिए टीम बनाने और जल्द सुनवाई का आश्वासन दिया है। प्रभावित लोग आगे के लिए संबंधित थाने व तहसील प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

