श्रावस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) इकौना में सोमवार को नवाचार महोत्सव एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्राचार्य राम प्रताप सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षक तथा शिक्षक प्रशिक्षक-डीएलएड प्रशिक्षु वर्ग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने बताया कि हर वर्ग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वालों को पुरस्कार दिए गए और श्रेष्ठ नवाचारों को राज्य स्तर के लिए नामित किया जाएगा।
प्रदर्शनी और मॉडल
अतिथियों ने शिक्षकों द्वारा तैयार की गई नवाचारी शिक्षण-अधिगम सामग्री और मॉडलों का निरीक्षण किया। मॉडल में छात्रों के लिए सरल, सस्ता और प्रयोगात्मक तरीकों को प्राथमिकता दी गई थी। महाविद्यालय के प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार गुप्त ने प्रस्तुतियों की सराहना की।
डायट के प्राचार्य ने कार्यक्रम के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “नवाचार शिक्षा की गुणवत्ता का आधार है और इससे बच्चों का सीखना रुचिकर होता है।” वरिष्ठ प्रवक्ता रमेश चंद्र मौर्य ने इस पहल को शिक्षक समुदाय के लिए उपयोगी बताते हुए कहा, “इसे शिक्षकों को नवाचारी बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास बताया।”
कार्यक्रम में शिक्षण के विविध तरीकों, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और कक्षा में गतिविधि-आधारित अधिगम को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि विजेताओं के काम को आगे बढ़ाकर स्कूलों में लागू करने की कोशिश की जाएगी ताकि बच्चों की भागीदारी बढ़े।
समारोह में ओमप्रकाश यादव, जितेंद्र कुमार, इरशाद अहमद और सत्य प्रकाश वर्मा भी उपस्थित रहे। अंत में पुरस्कार वितरण और प्रतिभागियों के अनुभव साझा करने का सत्र हुआ। आयोजकों ने आने वाले दिनों में ऐसे और कार्यक्रमों की योजना बताई।
स्रोत: अमर उजाला

