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हमीरपुर: दो दिन की बारिश से सड़कें तालाब बनीं, बच्चे जुगाड़ू नाव से स्कूल जा रहे

मुस्करा कोतवाली के राजकीय इंटर कॉलेज बस्ती में कई-कई फीट पानी भर गया; ग्रामीणों ने लकड़ी से बनी तैरती नाव से बच्चों को भेजना शुरू किया।

हमीरपुर: दो दिन की बारिश से सड़कें तालाब बनीं, बच्चे जुगाड़ू नाव से स्कूल जा रहे
फोटो: अमर उजाला

हमीरपुर। जिले में बीते दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेबस हो गया है। कई मोहल्लों और बस्तियों में सड़कें और गलियाँ पानी से भर गईं और लोगों का दैनिक कामकाज प्रभावित हुआ।

बारिश के बाद कई स्थानों पर कई-कई फीट तक पानी जमा हो गया है। मुस्करा कोतवाली क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज बस्ती में जलभराव इतना अधिक था कि वार्डों के बीच के रास्ते पूरी तरह कट गए। कई घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।

स्थानीय प्रतिक्रिया और जुगाड़

स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पालिका और प्रशासन के बार-बार के दावों के बावजूद निकासी व्यवस्था फेल रही। बस्ती में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए परिजन और ग्रामीण सड़कों पर तैरती हुई लकड़ी के तख्तों को जोड़कर छोटी-सी नाव बना लाए।

वो नावें स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के आवाजाही का मुख्य साधन बन गई हैं। कई घरों के आगे पानी खड़ा होने से किराना व दवा जैसे जरूरी सामान पहुंचाने में भी दिक्कत आ रही है।

मौसम और बारिश से प्रभावित इलाकों में नालों और निचले हिस्सों की सफाई व उचित जल निकासी व्यवस्था न होने का असर साफ दिखा। लोगों का कहना है कि हर बार बारिश होते ही वही हाल पैदा हो जाते हैं।

असर यह हुआ है कि बच्चे घरों से नाव पर बैठकर ही स्कूल जा रहे हैं और कई छोटे व्यवसाय व दुकानें बंद रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित राहत व स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग उठाई है।

आगे क्या होगा

इलाकों में जलजमाव घटने पर ही दैनिक जीवन सामान्य हो सकेगा। प्रशासन द्वारा निकासी और राहत के कदम कब तक उठते हैं, यह अगले कुछ घंटों-दिनों में स्पष्ट होगा।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

Vikas Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।