गंजमुरादाबाद। बांगरमऊ तहसील क्षेत्र में कल्याणी नदी के उफान और पिछले चार दिनों की लगातार बारिश से 22 गांवों की करीब 40 हजार आबादी प्रभावित हो गई है। बाढ़ का पानी कई घरों में घुस गया और सड़कों पर तीन फीट तक पानी जमा हो गया है।
बाढ़ से करीब डेढ़ सौ बीघा मक्का और पांच सौ बीघा धान की फसलें सड़ने की कगार पर हैं। गंजमुरादाबाद-बहलोलपुर मार्ग पर तीन फीट तक पानी भरने के कारण आवागमन ठप हो गया है और बहलोलपुर कस्बा मुख्यालय से संपर्क टूटने लगा है।
प्रभावित गांव
कल्याणी नदी के उफनाने से पहले 19 गांवों को बाढ़ ने प्रभावित किया था। अब लगातार बारिश के बाद और गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। प्रभावित प्रमुख गांवों में बेहटाकच्च, शिवलालपुरवा, कुशराजपुर, बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, भिलोई, देवरिया, लहरापुर, छोट्टापुरवा, कछियनपुरवा, तकिया, पकरियापुरवा और चिंगरपुरवा शामिल हैं।
- नए प्रभावित हुए गांवों में फतेहपुर खालसा, फतेहपुर हामजा और ऊंचाई वाले गांव बहलोलपुर शामिल हैं।
- लहरापुर, चिंगरपुरवा, ककरियापुरवा और छोट्टापुरवा के कई घरों में पानी घुस गया है।
बेहटाकच्छ के ग्राम प्रशासक रामसेवक ने बताया कि बाढ़ और बारिश के पानी ने उनके घरों को चारों तरफ से घेर लिया है। कुशराजपुर के अनिल अग्निहोत्री और देवरिया के प्रदीप कुमार ने भी जैसी ही स्थिति की जानकारी दी।
नगर के मोहल्ला लोधियाना निवासी दिव्यांग रजनीश यादव ने अपनी खराब हुई धान की फसल का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया है। इससे प्रभावित किसानों की व्यथा सामने आई है और नुकसान की तस्वीरें प्रकट हुई हैं।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और मदद की व्यवस्था के लिए शीघ्र कदम उठाए जाएंगे। “प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।” -पंकज गौतम, खंड विकास अधिकारी
वर्जन सोमवार को टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण किया जाएगा। भ्रमण के बाद एक रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी ताकि राहत कार्य और आवश्यक कदम तय किए जा सकें।
स्रोत: अमर उजाला

