प्रयागराज। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने रेलवे कर्मचारी के बेटे की अनुकंपा नियुक्ति के मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। पीठ ने कहा है कि दावे का फैसला आवेदन की तारीख पर लागू नियम और शैक्षिक योग्यता के आधार पर होना चाहिए।
कैट ने रेलवे का 13 नवंबर 2018 का वह आदेश निरस्त कर दिया जिसमें नियुक्ति का दावा खारिज किया गया था। अदालत ने रेलवे को वर्ष 2010 में प्रस्तुत मूल आवेदन की तारीख और उसकी विषयवस्तु का सत्यापन कर, उस समय लागू नियमों के मुताबिक मामले का पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है।
मुकदमे की पृष्ठभूमि
मामला ललितपुर के सावन सिंह का है। उनके पिता हर चरन रेलवे में गैंगमैन पद पर तैनात थे और सेवाकाल के दौरान 19 जुलाई 2009 को उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद सावन सिंह ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, जिसे रेलवे ने बाद में खारिज कर दिया।
रेलवे ने दलील दी कि सावन सिंह केवल आठवीं कक्षा तक पढ़े हुए हैं जबकि संबंधित पद पर न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल, आईटीआई या समकक्ष निर्धारित थी। रेलवे का यह भी कहना था कि याची ने निर्धारित पांच वर्ष की अवधि में नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं किया था।
याची के वकील एसडी द्विवेदी ने सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली जल बोर्ड बनाम निर्मला देवी मामले के निहितार्थ का हवाला देते हुए तर्क दिया कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन की तारीख पर लागू शैक्षिक योग्यता को ही मानना चाहिए। पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों के बाद यह आदेश दिया।
आगे की प्रक्रिया
अब रेलवे को वर्ष 2010 में दाखिल मूल आवेदन की शुद्धता और उस समय लागू नियमों की जांच कर, दावे पर नया निर्णय लेना होगा। स्थानीय परिवार और ऐसे ही अन्य दावेदारों के लिए यह आदेश मायने रखता है, क्योंकि अब पुराने आवेदन की तारीख पर नजर रखकर फैसले लिए जाएंगे।
जो लोग अपने अनुकंपा नियुक्ति दावे को लेकर और जानकारी चाहते हैं, उन्हें संबंधित रूपरेखा और आवेदन की प्रतियों के साथ रेलवे या कानूनी सलाहकार से संपर्क करना चाहिए।
स्रोत: अमर उजाला

