गाज़ीपुर। समाजवादी पार्टी के नवमनोनीत राष्ट्रीय सचिव चिंतामणि शुक्रवार को जिले में प्रथम बार आए और पार्टी के कार्यालय डॉ. लोहिया-मुलायम सिंह यादव भवन पर कार्यकर्ता और नेता उन्हें स्वागत करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण के मसलों पर भाजपा पर तीखा प्रहार किया।
चिंतामणि ने कहा कि देश का लोकतंत्र, संविधान और संविधान के माध्यम से मिलने वाला आरक्षण खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बाबा साहब के संविधान की जगह अपने मन-विधान और नागपुर का संविधान देश पर थोपना चाहती है, जिसे समाजवादी पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
सपा का रुख और आरोप
राष्ट्रीय सचिव ने महात्मा गांधी, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डॉ. आंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के मन में देश के महापुरुषों के लिए कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का जनता के बुनियादी सवालों से कोई लेना-देना नहीं है और यही स्थिति चिंताजनक है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक खुर्शीद अहमद, पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव, रामधारी यादव, सिकंदर कनौजिया, सुशील जायसवाल और रामधीरज शास्त्री सहित कई स्थानीय नेता मौजूद रहे। संचालन जिला महामंत्री कन्हैयालाल विश्वकर्मा ने किया।
हाजिर नेताओं में सहेंद्र कनौजिया, आजाद कनौजिया, सदानंद कनौजिया और बब्बन भी शामिल थे। स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति उल्लेखनीय थी और स्थानीय स्तर पर सपा के संगठन को मजबूत दिखाने का प्रयास नजर आया।
चिंतामणि के भाषण से इलाके में राजनीतिक चर्चा तेज हुई है और स्थानीय लोगों में संविधान एवं आरक्षण के मसलों पर चिंता की लहर दिखी। सपा नेताओं ने आगे भी जनसम्पर्क और प्रचार-प्रसार जारी रखने का संकेत दिया है।
आने वाले दिनों में जिले में दल के कार्यक्रमों और बैठकों की संभावना बनी हुई है। स्थानीय पाटी कार्यकर्ता और समर्थक अब आगामी गतिविधियों के लिए तैयारी कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

