विश्नोहरपुर। कुछ दिन पहले तक बाढ़ का खतरा टला समझे जा रहे ग्रामीणों की चिंता शनिवार को फिर बढ़ गई। नवाबगंज के माझा इलाके में सरयू नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा और कई जगहों पर पानी बढ़ने लगा।
दत्तनगर बाड़ी माझा में ग्रामीणों को उफनाई सरयू का पानी घरों तक पहुंचने का डर सताने लगा है। साकीपुर चहलवा में कटान शुरू हो चुकी है और व्योन्दा माझा में पानी गांवों की ओर फैल रहा है।
नदी का स्तर और डिस्चार्ज
करनैलगंज में शनिवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 105.400 मीटर पहुंच गया है। खतरे का निशान 106.070 मीटर बताया गया है। नदी में कुल डिस्चार्ज बढ़कर 2,49,481 क्यूसेक हो गया है। बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य ने कहा कि बारिश से तटबंध पर रेनकट हुए हैं और जलस्तर बढ़ रहा है, हालांकि फिलहाल तटबंध पर किसी प्रकार का सीधा खतरा नहीं माना जा रहा।
लगातार बारिश की वजह से बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिकारियों ने सतर्कता बरतने की बात कही है और नदी की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।
ग्रामीणों की परेशानियाँ
तीन दिन से हरा चारा नहीं मिलने से पशुपालक प्रभावित हैं। दत्तनगर बाड़ी माझा निवासी फूलचंद यादव ने बताया कि पहले हालात सामान्य लग रहे थे, पर अचानक जलस्तर बढ़ गया। व्योन्दा माझा के गंगाराम यादव ने कहा कि जिन खेतों से चारा मिलता था, वहाँ पानी भर गया है और चारा लाना मुश्किल हो गया है।
तुलसीपुर माझा के रामदेव ने बताया कि खेतों और आसपास के रास्तों में पानी भरा होने के कारण चारा लाने के लिए निकलना संभव नहीं हो रहा। इससे ग्रामीणों को अपने पशुओं के लिए व्यवस्था करने में दिक्कत आ रही है।
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से तट के करीब नहीं जाने और अपनी बहुमूल्य संपत्ति व पशुओं का ध्यान रखने को कहा है। भविष्य में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और लोगों को सूचित किया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

