सिद्धार्थनगर। जिले में बाढ़ की बिगड़ती स्थिति के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। नेपाल में हो रही लगातार बारिश और पहाड़ी नदियों व नालों के बढ़े पानी का असर सीमावर्ती इलाकों में नजर आ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने कुल 72 प्रशिक्षित टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। बूढ़ी राप्ती समेत कई नदियों के बढ़े जलस्तर से शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांव जलभराव की चपेट में आ गए हैं। विभाग ने कहा है कि प्रभावित इलाकों में जरूरत के अनुसार टीमें भेजी जाएंगी।
टीमों की तैनाती और कार्रवाई
टीमों को रिपोर्ट मिलते ही मौके पर भेजा जाएगा। वहां पर स्वास्थ्यकर्मी लोगों की जांच करेंगे और सामान्य बीमारियों के मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराएंगे। टीमों के पास उल्टी-दस्त, बुखार और त्वचा संबंधी बीमारियों की दवाइयां भी रखी जाएंगी।
जलभराव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने की भी तैयारी की गई है। जहां जरूरत पड़ी, वहां टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करेंगी। गंभीर मरीजों की पहचान होने पर उन्हें उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर किया जाएगा।
रोकथाम और जागरूकता
स्वास्थ्यकर्मी स्थानीय लोगों को साफ पानी पीने, आस-पास स्वच्छता बनाए रखने और संक्रमण से बचाव के तरीके बतायेंगे। विभाग का उद्देश्य है कि जलभराव और दूषित पानी से फैलने वाले संक्रमणों को रोका जा सके। आवश्यकता के मुताबिक दवा वितरण और मेडिकल सहायता तत्काल की जाएगी।
जिलकीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जहां भी जरूरत होगी, स्वास्थ्य टीम तुरंत भेज दी जाएगी। विभाग की कोशिश है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर उपचार और दवा मिलें। “बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। 72 प्रशिक्षित टीमों को अलर्ट रखा गया है। जहां भी जरूरत होगी, स्वास्थ्य टीम तत्काल भेजी जाएगी। टीम जांच करने के साथ दवा वितरण करेगी और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।” – संजय कुमार दोहरे, सीएमओ
स्रोत: अमर उजाला

