लखनऊ। देशभर में बिजली बिल की सही रीडिंग और डिजिटल ट्रैकिंग के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। कई घरों में मीटर के सही काम न करने या ज्यादा बिल आने की शिकायतें बढ़ी हैं।
स्मार्ट मीटर की जांच के लिए बिना किसी लैब टेस्ट के घर पर ही पांच आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं। ये तरीके मीटर की वर्तमान रीडिंग, खपत के अचानक बढ़ने और मीटर के रुझानों का त्वरित आकलन करने में मदद देते हैं। अगर जांच में गड़बड़ी मिले तो उपभोक्ता बिजली विभाग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
घर पर करने योग्य पांच जांच के तरीके
पहला तरीका: मीटर रीडिंग को एक निश्चित समय पर नोट करें और उसी समय घर के सभी बड़े उपकरण बंद करके कुछ मिनट बाद फिर रीडिंग देखें। इससे पेडेंसी या रिसाव का अंदाजा लगेगा।
दूसरा तरीका: किसी एक उपकरण को चालू करके मीटर पर उसका असर देखें। उदाहरण के लिए एक 1000 वाट की हीटर चलाने पर मीटर की रीडिंग में कितनी वृद्धि होती है, यह नोट करें। तीसरा तरीका: रात के सबसे कम उपयोग के समय (आम तौर पर मध्यरात्रि) रीडिंग लेकर तुलना करें ताकि पृष्ठभूमि खपत का पता चले।
चौथा तरीका: पिछले महीनों के डिजिटल रीडिंग रिकॉर्ड से हालिया रीडिंग की तुलना करें। अचानक बड़ी छलांगों से मीटर या कनेक्शन में समस्या संदेहास्पद होती है। पांचवां तरीका: स्मार्ट मीटर के वेब/ऐप पोर्टल पर दिख रही पल-पल की खपत और पावर फैक्टर रिपोर्ट देखें; असमान आँकड़े गड़बड़ी संकेत कर सकते हैं।
अगर इन घरेलू टेस्ट से लगता है कि मीटर सही नहीं है तो उपभोक्ता अपने बिजली विभाग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत करते समय नोट की हुई रीडिंग, उपकरणों की सूची और संभावित टाइमस्टैम्प साथ रखें। विभाग द्वारा तकनीकी जांच या सर्विस रीक्वेस्ट की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
ये परीक्षण सरल हैं और अधिकतर घरों में साधनों से किए जा सकते हैं। नियमित जांच से अनावश्यक उच्च बिल और अनदेखी खपत का पता चल जाता है, जिससे समय रहते समाधान मिल सकता है।
स्रोत: NDTV

