गौतमबुद्ध नगर (नोएडा)। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में रक्षा और ड्रोन परियोजनाओं की बड़ी प्रदर्शनी लगी। इसमें देश की कई अग्रणी रक्षा व ड्रोन निर्माता कंपनियों ने अपने अत्याधुनिक उपकरण पेश किए।
सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करने वाला था आईआईटी कानपुर की डीप‑टेक स्टार्टअप मराल एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड का सौर ऊर्जा चालित फिक्स्ड विंग यूएवी ‘तेजस्वान’। कंपनी के अनुसार तेजस्वान सौर ऊर्जा और बैटरी के संयोजन से चलकर लगातार 12 घंटे तक उड़ान भर सकता है और इसकी रेंज सामान्यतः 150 किलोमीटर है, जिसे जरूरत पड़ने पर 250 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है।
तेजस्वान की तकनीकी विशेषताएँ
तेजस्वान का विंगस्पैन 12 मीटर है और इसका अधिकतम टेक‑ऑफ वजन 60 किलोग्राम से कम रखा गया है। यह ड्रोन 5 किलोग्राम तक पेलोड ले जा सकता है जबकि अधिकतम गति 25 मीटर प्रति सेकंड बतायी गयी है। टेक‑ऑफ के लिए इसे केवल 200 मीटर के रनवे की आवश्यकता होती है।
तकनीकी सुरक्षा के रूप में तेजस्वान में जीपीएस स्पूफिंग रोधी नेविगेशन और मल्टी‑बैंड रेडियो आधारित इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर हार्डनिंग दी गयी है। निर्माताओं ने कहा कि यह सेना, नौसेना और वायुसेना, तीनों के लिए सीमानी निगरानी, संचार, लक्ष्य निर्धारण, समुद्री निगरानी और खोज व बचाव कार्यों में उपयोगी होगा। भविष्य में इसमें सोनार बॉय शामिल करने की योजना भी है।
प्रदर्शनी में अन्य प्रणालियों में आईजी डिफेंस का ‘काल ड्रोन’ और बेंगलुरु की न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज का ‘निम्बसस्कोप’ भी प्रमुख रहा। काल ड्रोन एक‑वे अटैक ड्रोन है जो 1,000 किलोमीटर तक दूरी तय कर सकता है और 7, 8 घंटे तक उड़ान में रह सकता है। इसका अधिकतम टेक‑ऑफ वजन 200 किलोग्राम है।
निम्बसस्कोप टेथर्ड इलेक्ट्रिक यूएवी टेदर के जरिए जमीन से बिजली लेकर 8 घंटे तक हवा में स्थिर निगरानी कर सकता है। टेदर मोड में इसकी अधिकतम ऊंचाई 110 मीटर एजीएल और फील्ड एलिवेशन 5,500 मीटर एएमएसएल बतायी गयी है। बिना टेदर के यह 45 मिनट तक 10 किलोमीटर रेंज में उड़ान भर सकता है।
प्रदर्शनी में आईडीआर रिसर्च एंड डेवलपमेंट के नैनो और माइक्रो ड्रोन तथा नाइट विजन वेपन साइट जैसे उपकरण भी दिखाये गये। व्यापार और रक्षा दोनों तरह के हितधारियों ने इन प्रणालियों में रुचि दिखाई। आगे इन्हें परीक्षण और समीक्षा के बाद तैनाती के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

