खानपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और अन्य वामपंथी दलों के आह्वान पर शुक्रवार को यहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। ईशोपुर में भाकपा माले स्टेट कमेटी सदस्य नंद किशोर बिंद के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।
प्रदर्शन और आरोप
खानपुर चौराहे पर भी कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर निर्वाचन प्रक्रिया और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि संस्थागत पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं और इन मसलों को लेकर आवाज उठाना जरूरी है।
भाकपा माले स्टेट कमेटी सदस्य नंद किशोर बिंद ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विभिन्न मामलों में दिए गए 14 आवेदनों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह निषेधाज्ञा और प्रक्रियात्मक अनदेखी लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
प्रदर्शन प्रदेशव्यापी विरोध कार्यक्रम का ही हिस्सा था, जो 26 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत कई जिलों में चुनावी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन और अभियान किए जा रहे हैं।
प्रदर्शन स्थल पर आजाद यादव, सरोज यादव, बेचू बनवासी, मुन्ना बनवासी, कन्हैया बिंद, जोखू प्रसाद, रामकरन राम और श्याम नारायण बिंद समेत कई स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- मुख्य आयोजक: नंद किशोर बिंद (भाकपा माले स्टेट कमेटी सदस्य)
- ठिकाने: ईशोपुर (पुतला दहन), खानपुर चौराहा (प्रदर्शन)
- कार्यक्रम अवधि: 26 सितंबर से 2 अक्टूबर
स्थानीय लोगों ने कहा कि चुनाव संबंधी पारदर्शिता और शिकायतों का समय पर निवारण जरूरी है, वरना मतदाता असंतोष बढ़ेगा। कुछ व्यापारियों ने बताया कि केन्द्र के निकट धरना-प्रदर्शन से यातायात प्रभावित हुआ पर ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
आगे क्या होगा
भाकपा और वामपंथी दलों ने आगे भी ऐसे विरोध कार्यक्रम जारी रखने का संकेत दिया है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े पैमाने पर आंदोलन की तैयारी की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

