गाज़ियपुर। गांधी जयंती के मौके पर भाकपा‑माले के कार्यकर्ता शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर रद्द करने की मांग लेकर सड़कों पर उतरे। मार्च पार्टी के जिला कार्यालय से शुरू होकर सरजू पांडेय पार्क में सभा के रूप में समाप्त हुआ।
सभा में केंद्रीय कमेटी सदस्य ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि महत्वपूर्ण फैसलों में ज्ञानेश कुमार ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों को दरकिनार किया है, जिससे उनकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं। जिला सचिव ओमप्रकाश सिंह ने लोगों से अपील की कि वे इन कथित साजिशों के खिलाफ संगठित होकर सड़क पर उतरें।
मार्च और सभा
मार्च के बाद होने वाली सभा में कई स्थानीय नेता मौजूद रहे। नंदकिशोर बिंद, राजेश वनवासी, मंजू गोंड़, मनोज कुशवाहा, आजाद यादव और प्रदीप कुमार ने अपनी बातें रखीं। सभा की अध्यक्षता रामबदन ने की जबकि संचालन योगेंद्र प्रताप भारती ने संभाला।
कार्यक्रम में सत्येंद्र प्रजापति, विजयी वनवासी, श्यामप्यारी, पांचरतन कुशवाहा, चंद्रावती और अजीत कुमार भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रपति के नाम एक संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।
पार्टी नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता जरूरी है और अगर उच्च अधिकारियों के खिलाफ ऐसे आरोप सही हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने क्षेत्रीय नागरिकों से भी समर्थन की अपील की ताकि आंदोलन को और मजबूती मिल सके।
आगे क्या होगा
भाकपा‑माले ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे भी सत्याग्रह और धरना‑प्रदर्शन जारी रहेंगे। स्थानीय निवासी और कार्यकर्ता अब आगे की रणनीति को लेकर बैठक कर सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

