जालौन। तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण जिले के आटा थाना क्षेत्र में नून नदी का रपटा पूरी तरह पानी में डूब गया है और ऊपर से करीब एक फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के बावजूद लोग रपटे को पार कर रहे हैं और आवागमन जारी है।
नजदीकी पुलिस और ग्रामीण बता रहे हैं कि इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 5,000 लोगों का आवागमन होता है। रपटे पर बाइक सवार भी तेज धार में गुजरते दिख रहे हैं। रपटे से गुजरने वाले लोगों की संख्या और तेज बहाव मिलकर हादसे का जोखिम बढ़ा रहे हैं।
प्रभावित तहसील और गांव
रपटे पर निर्भर गांवों में भदरेखी, परा, हैदलपुर, सधारा, नसीरपुर, मुसमरिया, नूरपुर, खल्ला, खांकरी और अटरिया शामिल हैं। कुल मिलाकर करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीण इसी रास्ते से तहसील कालपी, आटा थाना और अन्य स्थानों पर जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है और यदि रपटे को समय रहते बंद करके सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो तेज बहाव में बड़ा हादसा हो सकता है। रपटे के बंद होने पर लोगों को रोजगार और जरूरी कामों के लिए करीब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होगी।
स्थानीय लोग प्रशासन से मौके पर पुलिस और अधिकारियों को भेजकर स्थिति का जायजा लेने की मांग कर रहे हैं। वे रपटे पर तात्कालिक सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराए जाने की भी अपील कर रहे हैं ताकि पैदल व वाहन आवागमन सुरक्षित हो सके।
अब आने वाले दिनों में बारिश के हालात और नदी के जलस्तर पर निगरानी जरूरी होगी। प्रशासन की ओर से अगर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो ग्रामीणों का दबाव बढ़ सकता है और लोगों को अपनी आवाज उठानी पड़ेगी।
स्रोत: अमर उजाला

