कासगंज। सदर कोतवाली के सोरों गेट स्थित श्री गणेश कॉलोनी में संपत्ति हड़पने, जालसाजी और धोखाधड़ी से जुड़ा एक विवाद खड़ा हो गया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने चार नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता मोहल्ला जयजयराम निवासी रजत अग्रवाल ने न्यायालय में बताया कि उनकी दिवंगत दादी कलावती ने 3 अप्रैल 2016 को अपनी संपत्ति उनके बाबा सुरेंद्र प्रताप अग्रवाल के नाम वसीयत की थी। बाबा सुरेंद्र प्रताप ने 9 मई 2025 को वह संपत्ति रजत के नाम दानपत्र कर दी। दानपत्र के आधार पर रजत ने पीरामल फाइनेंस से लोन लिया था, जिसे बाद में चुकाकर 25 मार्च 2026 को एनओसी प्राप्त कर लिया गया।
अंगूठा और फर्जी वसीयत का आरोप
रजत का आरोप है कि उनके चाचा रविंद्र कुमार अग्रवाल ने राजीव और सत्यनारायण अग्रवाल के साथ मिलकर षडयंत्र रचा। इन लोगों पर यह आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी और सरकारी स्टांप का दुरुपयोग करते हुए मृत दादी का फर्जी अंगूठा लगवाकर 20 जुलाई 2016 की एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली।
रजत ने जब परिवार के सदस्यों से पूछताछ की तो आरोप है कि चचेरे भाई केशव अग्रवाल ने गाली-गलौज कर धमकी दी और कहा कि उन्होंने फर्जी अंगूठा लगवाकर वसीयत कराई है, जो करना हो कर लें। इस विवाद के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा और न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई की।
न्यायालय के आदेश पर सदर कोतवाली में आरोपी रविंद्र कुमार अग्रवाल, केशव अग्रवाल, सत्यनारायण अग्रवाल और राजीव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। उसके आधार पर कार्रवाई होगी। -आंचल चौहान, सीओ सदर
पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान दस्तावेजों और गवाहों की प्रतियां जुटाई जाएंगी। इलाके में संपत्ति के कागजातों की शुचिता और बुजुर्गों से जुड़े दस्तावेजों के दुरुपयोग पर निगरानी बढ़ सकती है।
पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने भी मामले पर चिंता जताई है। जिन्होंने एनओसी और दानपत्र से जुड़ी तारीखें बताईं, वे आगे भी पुलिस को सहयोग करने के लिए तैयार हैं। जांच पूरी होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

