कौशांबी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में मांगों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। छात्रों ने प्रशासन की ओर से मिली सहमति के बावजूद आमरण अनशन तत्काल समाप्त नहीं किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन मुख्य बिंदुओं पर सहमति जताई है और कुछ मामलों में पत्र भी जारी किया गया है। प्रशासन ने छात्रों का निलंबन वापस लेने, केंद्रीय पुस्तकालय को सुबह छह बजे से खोलने और छात्रसंघ भवन को आधिकारिक धरनास्थल के रूप में चिह्नित करने पर हामी भरी है।
प्रशासन की सहमति और लिखित आदेश की मांग
छात्रों का कहना है कि पिछले आंदोलनों के अनुभव के चलते केवल मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मांगों पर लिखित आदेश मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। निलंबन वापसी और पुस्तकालय के समय में बदलाव से संबंधित लिखित आदेश सोमवार तक जारी करने का प्रशासन ने आश्वासन दिया है।
छात्रसंघ भवन को धरनास्थल बनाने संबंधी पत्र भी प्रशासन की ओर से जारी कर दिया गया है। बावजूद इसके छात्र नेताओं ने कहा कि केवल पत्र और आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं, वे लिखित और स्पष्ट आदेश चाहते हैं जिनमें समयसीमा और जिम्मेदार व्यक्तियों के नाम भी हों।
छात्र नेता प्रियांशु विद्रोही ने कहा, “तीन मांगों को लेकर प्रशासन की ओर से सहमति जताई गई है लेकिन छात्रों की मांग है कि इसका स्पष्ट लिखित आदेश भी जारी किया जाए।” उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी प्राक्टर की नियुक्ति नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा और मांगें पूरी न होने की स्थिति में आमरण अनशन जारी रखने के साथ हाईकोर्ट जाने की बात भी कही गई।
बृहस्पतिवार को तबीयत बिगड़ने पर चार आमरण अनशनकारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल आशुतोष और आयुष आमरण अनशन पर बैठे हैं। अगले कुछ दिनों में प्रशासन के द्वारा लिखित आदेश जारी न होने पर छात्र आगे की कार्रवाई पर विचार करेंगे।
स्रोत: अमर उजाला

