अम्बेडकर नगर/केदारनगर। जम्मू के कठुआ गोलीकांड में शहीद हुए डिप्टी कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय के अंतिम संस्कार के दूसरे दिन शुक्रवार को भी घर पर गम का सन्नाटा बना रहा। घर लौटे परिजन और ग्रामीण अब भी इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं।
शहीद के घर पर सुबह से परिचितों, रिश्तेदारों और गांव वालों का आना‑जाना जारी रहा। परिवार के सदस्यों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे और लोग उन्हें ढाढ़स बंधाते रहे। आसपास के गांवों में भी शोक की लहर देखी गई।
जनप्रतिनिधि व अधिकारी पहुंचे
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं अंबेडकरनगर के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर और जिलाधिकारी ईशा प्रिया मठिया गांव पहुंचे। दोनों ने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर घटना पर गहरा दुख जताया और उन्हें यह कठिन समय सहन करने के लिए हिम्मत दी।
सांसद लालजी वर्मा, कटेहरी विधायक धर्मराज निषाद, सपा के पूर्व एमएलसी हीरालाल यादव, टांडा ब्लॉक प्रमुख सुरजीत वर्मा और भाजपा नेता मारुत मिश्रा समेत अन्य जनप्रतिनिधि और सामाजिक लोग भी परिवार से मिलने घर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
अंकित के बलिदान की खबर ने मठिया ही नहीं आसपास के इलाकों में भी शोक फैलाया है। लोग शहीद की बहादुरी और देश सेवा को याद करते नजर आएं। अंतिम संस्कार के बाद घर लौटे परिजन अभी भी भावनात्मक संकट में हैं और गांव के लोग लगातार उनका हौसला बढ़ा रहे हैं।
घर आने वाले लोग बार‑बार परिवार से मिलकर उन्हें सहानुभूति दे रहे हैं और वे इस दुख से संभलने की कोशिश कर रहे हैं। गांव के बुजुर्ग और साथी सैनिक भी पहुंचकर शहीद के परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।
अभी आगे की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं आई है कि परिवार को किसी तरह के अतिरिक्त सहायता या सरकारी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। परिजन और गांववाले शहीद की याद में एकजुट हैं और उनके लिए दुआएं मांगते रहे।
स्रोत: अमर उजाला

