अम्बेडकरनगर। न्यायालय के आदेश पर स्टेट बैंक बसखारी की शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई मकोईया निवासी राम अजोर की शिकायत पर हुई है।
राम अजोर ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में पशुपालन एवं दुग्ध व्यवसाय के लिए 10,00,000 रुपये का ऋण लिया था। उनके खाते में पहली किस्त के रूप में 3,50,000 रुपये भेजे गए थे। आरोप है कि बैंक मैनेजर ने उनसे सादे कागज पर दस्तखत करवा दिए थे।
क्या हुआ था
शिकायत में कहा गया है कि एजेंट सर्वेश पांडेय और कृष्ण कुमार दुबे उर्फ सोनी ने ऋण स्वीकृत कराने में मदद की। बाद में बैंक की ओर से दबाव बनाकर 1,00,000 रुपये का चेक लिया गया। इसके अलावा 60,000 रुपये का एक और चेक दिया गया, जबकि बाकी की रकम राम अजोर को वापस नहीं की गई।
थाने और पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर राम अजोर ने कोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने 19 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने अदालत के निर्देशानुसार मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीओ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि जांच चल रही है और बैंक मैनेजर का नाम आरोपियों में शामिल किया जाएगा। पुलिस सभी पक्षों के बयानों और बैंक दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि बैंकिंग लेनदेन में पारदर्शिता की कमी से छोटे व्यवसायी व किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस तरह की गड़बड़ी हुई और किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
अगले कदम के तहत पुलिस फाइनेंशियल रिकॉर्ड, चेक और कागजात की सत्यता जांचेगी और आवश्यक होने पर बैंक अधिकारियों के खिलाफ और भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पीड़ित राम अजोर ने मामले की तेजी से निष्पत्ति की मांग की है।
स्रोत: अमर उजाला

