बलिया। शनिवार को गोरखपुर से आई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की करीब 20 सदस्यीय टीम ने जिले के सरकारी जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल के भीतर मौजूद स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल का माहौल हलचल भरा रहा। टीम के अस्पताल परिसर में आने की जानकारी होते ही कर्मचारियों में खलबली मच गई और कई लोग अपने कार्यस्थल से हट गए। काफी देर तक सीएमओ कार्यालय में भी हलचल रही।
निरीक्षण और पूछताछ
टीम अस्पताल के विभिन्न विभागों से होकर गुज़री और वहां उपलब्ध सुविधाओं का लेखा‑जोखा लिया गया। इसके बाद टीम मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पहुँची और अधिकारियों से स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं पर करीब 40 मिनट तक चर्चा की। काफी देर बाद सीएमओ डॉ. अभय नारायण राय कार्यालय पहुँचे और टीम से बातचीत की।
टीम के नेतृत्व में अध्यक्ष कमलेश ओझा थे। टीम में अन्य सदस्यों में अंकित ओझा, वालेन्दु ओझा, रफ्फुला अंसारी, अनीश मिश्रा और रामसूरत समेत अन्य लोग शामिल रहे।
- टीम का आकार: करीब 20 सदस्यीय
- सीएमओ कार्यालय में चर्चा: लगभग 40 मिनट
- प्रमुख सदस्य: कमलेश ओझा, अंकित ओझा, वालेन्दु ओझा, रफ्फुला अंसारी, अनीश मिश्रा, रामसूरत
टीम के सदस्यों ने मौके पर बताया कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाएं सामान्य मिलीं। उन्होंने फिलहाल किसी बड़ी लापरवाही या गड़बड़ी का संकेत नहीं दिया।
आगे की कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि टीम द्वारा पूछे गए दस्तावेज और व्यवस्थाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। स्थानीय स्तर पर इस जांच से मरीजों और कर्मचारियों में चर्चा बनी हुई है। आगे टीम की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक निर्देश या कार्रवाई की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

