बलिया। बीते शनिवार परसिया गाँव की तपोभूमि महर्षि पराशर के समीप पराशर सरोवर पर भाद्रपद पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही। सुबह से ही आस-पास के दूर-दराज के गांवों से लोग पूजा और स्नान के लिए पहुँचते रहे।
सरोवर में महिलाएं बारिश और आंधी-तूफान के बावजूद स्नान करके महर्षि पराशर व भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूर्ति शिव मंदिर में भी प्रार्थना की और पूजा-अर्चना पूरी की।
मेले की रौनक
पूजा-अर्चना के बाद पराशर सरोवर के किनारे मेले की दुकानों पर लोगों का आना‑जाना बना रहा। खिलौने, गुब्बारे, झूले और खाने-पीने की दुकानों पर देर तक रौनक देखने को मिली। बच्चों और युवाओं में मेले का आनंद स्पष्ट दिखा।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए थानाध्यक्ष राजू कुमार राय के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रखा गया था। सरोवर में स्नान के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एनडीआरएफ के जवान नाव के साथ मुस्तैद रहे।
स्थानीय लोग बताते हैं कि परसिया पराशर सरोवर करीब तीन एकड़ में फैला है और कई ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। मान्यता है कि सरोवर में स्नान करने से चर्म रोगों से राहत मिलती है, जिसके चलते विभिन्न पर्वों पर यहाँ मेला लगता है।
धार्मिक महत्व के बावजूद स्थल अभी विकास के इंतजार में है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग कई स्थानों पर बिगड़े हुए हैं और मार्ग की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायतें हैं। उन्होंने साइट के विकास और मार्ग की मरम्मत की मांग दोहराई।
आगामी दिनों में ग्रामीण और स्थानीय प्रतिनिधि प्रशासन से संपर्क कर मार्ग व स्थल विकास के लिए पहल करने की तैयारी कर रहे हैं। श्रद्धालु और ग्रामीण दोनों चाहते हैं कि अगले पर्वों पर बेहतर व्यवस्था रहे।
स्रोत: अमर उजाला

