मेरठ। किठौर थाना क्षेत्र के कस्बा शाहजहांपुर से जुड़ी एक पुरानी हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी जाहिद को दोषी ठहराया और सजा सुनाई। मामला 28 अगस्त 2021 का है जब दो नाबालिग दोस्त सादिक और अमन वापस नहीं लौटे थे।
परिवार की शिकायत पर पुलिस ने खोजबीन शुरू की। अगले दिन फतेहपुर नारायण गांव के जंगल में बने एक आम के बाग से दोनों बच्चों के खून से लथपथ शव मिले। दोनों की आयु लगभग 14-15 वर्ष बताई गई। शवों पर चाकू के जख्म और गला रेतकर हत्या के निशान पाए गए।
जांच और गिरफ्तारी
जांच में पुलिस और सर्विलांस टीम ने करीब 60 सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। फुटेज के आधार पर नित्यानंदपुर (किठौर) निवासी जाहिद को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बाद में उसके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया।
जांच के दौरान पता चला कि जाहिद ने अपने साथी से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। पैसे चुकाने के लिए उसने ई-रिक्शा लूटने की साजिश रची। जाहिद ने सादिक का ई-रिक्शा खाद के कट्टे लादने के बहाने 150 रुपये में किराए पर लिया और बच्चों को जंगल में ले गया। वहां उसने बतौर योजना एक-एक करके दोनों की गला दबाकर और चाकू से गोदकर हत्या कर दी।
तफ्तीश में आरोपी ने बताया कि सादिक और अमन उसे पहचानते थे, इसलिए पकड़े जाने के डर से उसने दोनों को मार दिया। पुलिस ने अपना केस कोर्ट में पेश किया जहाँ दोनों पक्षों के गवाहों के बयान और वकीलों की दलीलें सुनी गईं। सोमवार को अदालत ने जाहिद को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
प्रभाव और आगे की कार्यवाही
घटना के बाद शव मिलने से आसपास के ग्रामीण भय में रहे और परिवार पर गहरा सदमा हुआ। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर घटना की विस्तृत जांच की थी और अब अदालत की सजा से मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंचा है। मामले से जुड़े कानूनी कदम और अपील की स्थिति अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार आगे तय होगी।
स्रोत: अमर उजाला

